
खास माँ के लिए, एक कविता माँ है वह ममता की महान मूरत,जिसकी मुस्कान के सहारे खिल उठती है सूरत जो जीवन के पग-पग पर देती हैं साथ,कभी नहीं होने देती है जीवन में निराश,आपकी उँगली पकड़कर ही तो मैंने चलना सीखा,आपकी ममता के आँचल में मैंने एक गीत लिखा,आपने ही ...
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