
- प्रियंका शाह जिस प्रकृति में हमने जन्म लिया, आओ बचाएँ उस अमूल्य गोद को। उजड़ न जाए कहीं इस थल-जल-नभ से,ईश्वर के दिए इस अमूल्य धन से,उसका वो हरियाली का आँचल,जो महकाता था हर घर-आँगन।जिस प्रकृति से जीवन बना है सरल क्यों बन गया वह अब इतना विरल,आओ सजाएँ ...
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